एक समय था जब महिलाएँ समाज की बेड़ियों में जकड़ी घरों की चैखट के अंदर कैद थीं। पर आज की महिला हर बंधन को तोड़कर स्वतंत्र है। उसने घर और बाहर हर स्थान पर अपनी एक नई पहचान बनाई है। यहाँ तक की खेल जगत जिस पर पुरूषों का वर्चस्व था वहाँ पर भी अपना स्थान स्थापित कर लिया है। महिलाओं ने हाॅकी और क्रिकेट में भी अपना स्थान स्थापित कर लिया है।










