महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने की 8 युक्तियाँ



जिंदगी बहुत अच्छी व्यतीत नहीं हो रही है। मेहनत अधिक है, सफलता कम। अंतिम बार प्रसन्न कब हुई थीं, याद नहीं। कमोबेश यह स्थिति हममें से हर एक की है। कारण स्वयं पर विश्वास का अभाव। आत्मविश्वास पैदायशी नहीं होता। इसे स्वयं में विकसित करना पड़ता है। यह हमारे भीतर उच्च, मध्य या निम्न स्तर पर हो सकता है जिसके विषय में हम सभी को संदेह होता है। आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए हमारे कुछ सुझाव हैं –

  1. अपनेआत्मविश्वासकीतलाशकरें

अक्सर परिस्थितियाँ ऐसी हो जाती हंै कि हम खुद पर से विश्वास खोने लगते हैं। हमें स्वयं से ही शिकायत होने लगती है। हम दूसरों के अनुसार स्वयं को ढालने लगते हैं। याद रखें हम जैसे हैं, वैसे ही अच्छे हैं। जिन कार्यों से आपको डर लगता है या जिसे आप अपनी कमी मानती हैं, उन्हें सुधार कर आगे बढ़ें तथा स्वयं को दूसरों से कमतर मानने की आदत छोड़ दें।

  1. आनेवालेकलकीजगहआजकोजीनेकाप्रयासकरें

आप किसी हिचकिचाहट के बिना वो करें जो आप सच में चाहती हैं, जिससे आपको सच्ची खुशी मिलती है। आने वाले कल की जिम्मेदारी, योजनाओं और आवश्यकताओं के लिए अपने आज का बलिदान न करिए। अपने वर्तमान को भरपूर ऊर्जा और खुशी के साथ जीएँ।

  1. हतोत्साहितहों

किसी के यह कहने पर कि आप क्या हैं, क्या कर सकती हैं, हतोत्साहित न हों। हर बात को गंभीरता से लेना हमेशा समस्या उत्पन्न करता है। आप स्वयं के विषय में दूसरों से अधिक जानती हैं इसलिए ऐसी बातों को नजर अंदाज करें।

  1. व्यायाम

व्यायाम को अपने रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाएँ। यह एंटी एंग्जायटी ट्रिटमेंट है। इससे तनाव कम होता है तथा मानसिक सेहत बेहतर होती है। ऐसा कहा जाता है कि प्रतिदिन 15 मिनट के व्यायाम से डिप्रेशन का खतरा 26 प्रतिशत कम हो जाता है।

  1. अपने डर का सामना करें

इंसान जीवन में सदा सफल नहीं होता, अनेक बार उसे असफलता का सामना करना पड़ता है। आप किसी कार्य में एक बार असफल हो गई हैं, यह सोचकर उसे छोड़ न दें। अपने डर का सामना कर सफलता प्राप्त करें। याद रखें आपके सफल होने के बाद कोई भी आपकी असफलता को याद नहीं रखेगा। सब को आपकी सफलता ही दिखेगी।

  1. बदलावकोअपनाएँ

परिवर्तन प्रकृति का नियम है। यह नियम हमारी जिंदगी पर भी लागू होता है। समय, जिंदगी और हालात बदलते रहते हैं। इस बदलाव को दिल से अपनाइए न कि पुरानी लीक पर ही अड़ी रहें। बदलाव को अपनाएँ । खुशहाल जिंदगी के लिए यह आवश्यक है।

  1. सीखनाजारीरखें

सीखने की कोई उम्र नहीं होती हमेशा याद रखें। वह कार्य जिनसे वास्तविक खुशी मिल सकती है, उन्हें सीखें। हो सकता है रोजाना के जीवन में आपको इसकी आवश्यकता न हो। लेकिन याद रखें इससे आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा और आप आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगी।

  1. आपकाएकघंटा

चाहे आप पर जितनी जिम्मेदारी हो लेकिन आपका एक घंटा सिर्फ आपके लिए होगा यह तय कर लें। इसे किसी भी कीमत पर व्यर्थ न करके इस घंटे को स्वयं के लिए जीएँ। वह करें जो आपको पसंद हो। अपनी पसंद से अपना समय व्यतीत करना आपका अधिकार है।